लखनऊ, सितम्बर 22 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि आर्य समाज मंदिर से जारी विवाह प्रमाण पत्र के एकमात्र आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि हिंदू विवाह अधिनियम के तहत वैध विवाह हुआ है। हाईकोर्ट ने कहा कि वैध हिंदू विवाह साबित करने के लिए अधिनियम में निर्धारित आवश्यक वैवाहिक संस्कारों का संपन्न होना भी प्रमाणित होना चाहिए। न्यायमूर्ति राजीव सिंह ने यह टिप्पणी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के अधिकारी रोहित पांडेय की सेवा से बर्खास्तगी के आदेश को निरस्त करते हुए की। जवान को वैवाहिक स्थिति के संबंध में कथित रूप से गलत घोषणा करने के आरोप में सेवा से हटा दिया गया था। इसके बाद जवान ने 28 अप्रैल 2022 के आदेश द्वारा उसे सेवा से हटाने को चुनौती दी थी। यह भी पढ़ें- सहायक अध्यापक की बर्खास्तगी रद्द, हाईकोर्ट में सुल...