भागलपुर, अगस्त 13 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। आर्ट एंड क्रॉफ्ट प्रशिक्षण जैसे रचनात्मक और सृजनात्मक कार्यक्रम के आयोजन से छात्राओं में कला-कौशल के विकास के साथ-साथ मानसिक और बौद्धिक विकास भी होता है। छात्राएं इस तरह का प्रशिक्षण प्राप्त कर हुनरमन्द और आत्मनिर्भर बन सकती हैं। इस कला को छात्राएं स्वरोजगार के रूप में भी अपना सकती है। साथ ही अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित कर सकती हैं। यह बातें बुधवार को एसएम कॉलेज के बीएड प्रशाल में प्राचार्य डॉ. निशा झा ने कही। उन्होंने कॉलेज के होम साइंस विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला के समापन पर बतौर अध्यक्षता करते हुए अपनी बात रखी। अतिथियों का स्वागत होम साइंस विभाग की हेड डॉ. लक्ष्मी पांडेय ने किया। उन्होंने कहा कि छात्राओं को विभिन्न प्रकार की हस्तकलाओं एवं शिल्पकलाओं का प्रशिक्षण दिया गया,...