नई दिल्ली, अप्रैल 2 -- बुधवार को जब अमेरिका से चार अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद की ओर उड़ान भरी, तो पूरी दुनिया की निगाहें आसमान पर टिक गईं। 1972 के अपोलो 17 मिशन के बाद यह पहली बार है जब इंसान चांद के इतने करीब जा रहा है। लेकिन जरा रुकिए! अगर आपको लग रहा है कि ये अंतरिक्ष यात्री चांद पर उतरकर वहां चहलकदमी करेंगे, तो आप गलत हैं। यह आर्टेमिस II मिशन है। यह तो बस एक भव्य ट्रेलर है, एक 'फुल-ड्रेस रिहर्सल'। असली पिक्चर तो 2028 के उस मिशन में रिलीज होगी, जब इंसान आधी सदी के बाद एक बार फिर चांद की सतह पर कदम रखेगा। लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जिस अमेरिका ने 1960 और 70 के दशक में धड़ाधड़ 6 बार इंसानों को चांद पर उतार दिया था, उसे अचानक 50 से ज्यादा सालों तक चांद की याद क्यों नहीं आई? और अब ऐसा क्या हो गया कि नासा अरबों डॉलर खर्च करके द...
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