नई दिल्ली, अक्टूबर 6 -- जलवायु परिवर्तन के सैकड़ों खतरे सामने आ चुके हैं। इससे इंसान को लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन कभी-कभी इसके चलते नए अवसर भी मिलते हैं। ग्लोबल वॉर्मिंग के चलते आर्कटिक की बर्फ तेजी से पिघल रही है जिसके दूरगामी नुकसान हैं। लेकिन इससे भारत के लिए एक नया समुद्री मार्ग भी खुल रहा है। यह स्वेज नहर वाले मार्ग का विकल्प साबित होगा और उसकी तुलना में अपेक्षाकृत छोटा भी होगा। विदेश मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, आर्कटिक की बर्फ पिघलने से भारत के लिए उत्तरी समुद्री मार्ग (एनएसआर) एक नया रूट हो सकता है। यह उत्तरी साइबेरिया, आर्कटिक महासागर होते हुए प्रशांत महासागर के जरिए दक्षिण भारत पहुंचेगा। अभी पूर्वी समुद्री गलियारा जिसका भारत, रूस से तेल खरीदने के लिए इस्तेमाल करता है, वह ब्लादिवोस्तक से चेन्नई तक पहुंच...