नई दिल्ली, सितम्बर 2 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि पुलिस किसी मामले में आरोपियों को चुन-चुनकर गिरफ्तार नहीं कर सकती। उसे साफ तौर पर बताना होगा कि क्या वह किसी व्यक्ति को हिरासत में लेना चाहती है। कोर्ट ने नसीहत देते हुए कहा कि गिरफ्तारी के लिए 'पिक-एंड-चूज' (अपनी मर्जी से चुनने) वाले रवैये को गलत माना जाना चाहिए। जस्टिस गिरीश कथपालिया ने 31 अगस्त को अपने एक आदेश में कहा कि कुछ आरोपियों को चुन-चुनकर गिरफ्तार करने की पुलिस की नीति को सही नहीं ठहराया जा सकता। पुलिस को साफ तौर पर बताना चाहिए कि वे किसी आरोपी को गिरफ्तार करना चाहते हैं या नहीं। हालांकि, अदालत पुलिस को ऐसा करने या नहीं करने का निर्देश नहीं दे सकती। गिरफ्तारी के मामले में इस तरह की मनमानी या चुन-चुनकर कार्रवाई करने की निंदा की जानी चाहिए। यह भी पढ़ें- मातृत्व को अपमान का कारण...