नई दिल्ली, सितम्बर 1 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने बच्चों की तस्करी के मामले में आरोपियों को चुनकर गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की कड़ी आलोचना की है। हाई कोर्ट ने कहा है कि इस तरह के चुनकर गिरफ्तार करने के तरीके को मंजूरी नहीं दी जा सकती। हाई कोर्ट ने मामले में पुलिस की जांच करने वालों की भूमिका को भी बहुत खराब बताया। हाई कोर्ट ने यह देखते हुए कि कथित तौर पर तस्करी की गई बच्ची को आज तक न तो बरामद किया गया है और न ही बचाया गया है। जस्टिस गिरीश कथपालिया की पीठ ने यह बात नांगलोई पुलिस स्टेशन में बाल तस्करी और किशोर न्याय बोर्ड की धारा 81 के तहत दर्ज एफआईआर में एक आरोपी की नियमित जमानत अर्जी खारिज करते हुए कही। अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी राजकुमार और सह-आरोपी गायत्री ने कथित तौर पर खुद को पति-पत्नी बताया और एक बच्ची को गोद ले लिया। इसके बाद बच्ची को ...