नई दिल्ली, जनवरी 1 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। राजधानी के धौला कुआं इलाके में पिछले वर्ष सितंबर में हुई तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू कार दुर्घटना मामले में दिल्ली पुलिस के आरोपपत्र ने कई अहम तथ्य उजागर किए हैं। आरोपपत्र के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले वित्त मंत्रालय के अधिकारी नवजोत सिंह दुर्घटना के बाद 15 मिनट तक जीवित थे। समय पर उन्हें उचित चिकित्सा सहायता मिल जाती, तो उनकी जान बचाई जा सकती थी। यह अंतिम आरोपपत्र पिछले सप्ताह मजिस्ट्रेट अदालत में दाखिल किया गया। उल्लेखनीय है कि 14 सितंबर को रिंग रोड पर दिल्ली कैंट मेट्रो स्टेशन के पास हुई इस दुर्घटना में नवजोत सिंह की मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी सहित तीन अन्य लोग घायल हो गए थे। न्यायिक मजिस्ट्रेट अंकित गर्ग की अदालत में पेश करीब 400 पन्नों के आरोपपत्र में पुलिस ने आरोप लगाया है कि...