नई दिल्ली, दिसम्बर 12 -- हिंदू धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक कोई भी धार्मिक अनुष्ठान या पूजा-पाठ बिना आरती के संपन्न नहीं होता है। क्योंकि आरती पूजा-पद्धति का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है। यह देवी-देवताओं के प्रति समर्पण, कृतज्ञता, सम्मान और प्रेम का प्रतीक मानी जाती है। इसलिए लोग पूजा के बाद आरती करते हैं। लोग आरती घी के दीपक या कपूर से करते हैं। आरती का सही तरीका क्या है और आरती के वक्त दीपक को देवताओं के सामने कितनी बार घुमाना है, इसकी सही जानकारी बेहद कम लोगों को पता है। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने आरती करने का सही तरीका बताया है। चलिए जानते हैं।जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने क्या कहा? जगद्गुरु रामभद्राचार्य किसी परिचय के मोहताज नहीं है। वो तुलसी पीठ के संस्थापक हैं। जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने बताया कि किसी भी देवी या देवता की आरती 14 बार उतारनी च...