शाहजहांपुर, जनवरी 13 -- शाहजहांपुर, संवाददाता। आरटीई के तहत आवेदन करते समय अभिभावकों को अब अपने वार्ड या गांव के आसपास के 10 विद्यालयों का विकल्प देने की सुविधा मिलेगी, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को नजदीकी स्कूल में दाखिला मिल सके। इसी के साथ शिक्षा विभाग ने स्कूलों की मनमानी पर सख्ती भी बढ़ा दी है। स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई विद्यालय आवंटित छात्र को प्रवेश नहीं देता है तो उसे अपने लॉगिन आईडी से आरटीई पोर्टल पर ठोस और स्पष्ट कारण दर्ज करना होगा। कारण संतोषजनक न होने पर संबंधित विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रवेश से इनकार करने या किसी भी तरह का शुल्क मांगने पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। आरटीई के तहत बच्चों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। आयु सीमा भी तय कर दी गई है। नर्सरी के लिए तीन वर्ष, एलकेजी के लिए चार व...