विकासनगर, अगस्त 20 -- राजकीय शिक्षक संघ विकासखंड कालसी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं शिक्षा विभाग की ओर से आरटीई,टीईटी लागू होने से पहले वैधानिक रूप से नियुक्त वरिष्ठ सहायक अध्यापक शिक्षकों पर पदोन्नति एवं सेवा निरंतरता के लिए टीईटी-टू (शिक्षक पात्रता परीक्षा-2) उत्तीर्ण करने की बाध्यता लगाए जाने का पुरजोर विरोध किया है। शिक्षक संघ ने कहा कि दशकों से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ राजकीय विद्यालयों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों पर सेवा के अंतिम पड़ाव में दोबारा परीक्षा की बाध्यता थोपना अव्यावहारिक है। संघ ने इसे शिक्षकों के लिए मानसिक उत्पीड़न बताते हुए इस व्यवस्था को वापस लेने की मांग की है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जो शिक्षक पिछले 20 से 25 वर्षों से लगातार सरकारी विद्यालयों में अध्यापन कर रहे हैं और जिनकी उम्र अब 50 से 60 वर्ष क...