नई दिल्ली, मई 31 -- केंद्रीय सूचना आयोग ने न्यायिक अदालतों द्वारा वसूली जाने वाली कोर्ट फीस के आंकड़ों की जानकारी न देने पर विधि मंत्रालय के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आवेदक ने आरटीआई के तहत देशभर में न्यायिक कोर्ट फीस, जिसमें ई-कोर्ट फीस भी शामिल है की वार्षिक वसूली का विवरण मांगा था। इसके बावजूद आधी अधूरी जानकारी दी गई। केंद्रीय सूचना आयोग के आदेश के अनुसार यह आवेदन पहले विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधिक कार्य विभाग के पास दायर किया गया था। बाद में इसे वित्तीय सेवा विभाग, इंडस्ट्रियल फाइनेंस-1 और इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (आईएफसीआई) और आखिर में स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को स्थानांतरित कर दिया गया। आईएफ-1 ने आवेदक को बताया कि मांगी गई जानकारी उसके पास उपलब्ध नहीं है और आवेदन को आईएफसीआई को भ...