लखनऊ, जून 20 -- प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों की विभिन्न समितियों में आरक्षित वर्ग के प्रतिनिधियों का चयन अब मनोनयन से नहीं, बल्कि चुनाव के जरिए कराने की मांग उठी है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने इस संबंध में राष्ट्रपति, राज्यपाल और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन के महासचिव डॉ. हरि राम ने बताया कि कई संस्थानों में आरक्षित वर्ग के प्रतिनिधियों का चयन मनमाने तरीके से किया जा रहा है। इससे आरक्षित वर्ग के शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है। फैकल्टी चयन, अनुशासन, जांच समेत सभी महत्वपूर्ण समितियों में आरक्षित वर्ग के प्रतिनिधियों का चयन शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चुनाव के माध्यम से किया जाए। यह भी पढ़ें- आरक्षित व...