लखनऊ, मार्च 3 -- UP NEWS: उत्तर प्रदेश में भर्तियों में आरक्षितों को कम कोटा मिलने के विवाद को पूरी तरह से खत्म करने की तैयारी है। आरक्षित पदों की संख्या तय होने के बाद ही भर्तियां की जाएंगी। विभागों को रिक्तियों का प्रस्ताव भेजने से पहले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग और ईडब्ल्यूएस के पदों को स्पष्ट करना होगा। जरूरी हुआ तो इसके लिए आयोगों के साथ विभागों द्वारा बैठक भी की जाएगी, जिससे भर्तियों को लेकर कोई पेंच न फंसे। दरअसल 69000 शिक्षक भर्ती हो या लेखपाल की भर्ती यूपी की विपक्षी पार्टियों ने लगातार इसमें आरक्षण के नियमों का पालन नहीं करने का सरकार पर आरोप लगाते हुए इसे मुद्दा बनाया था। इसी वजह से मामला हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा है। एनडीए की सहयोगी पार्टियों ने भी कई बार इशारों में आरक्षण को लेकर अपनी ही सरका...