पटना, अगस्त 28 -- हम (से) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह बिहार सरकार के मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि आरक्षण की व्यवस्था सामाजिक अन्याय और ऐतिहासिक वंचना को दूर करने के उद्देश्य से बनी थी। यह पूछना सामाजिक न्याय की मांग है कि जिसके लिए आरक्षण बना था, उसे उसका लाभ वास्तव में कितना मिला? डॉ. सुमन ने कहा कि बिहार में अनुसूचित जाति के भीतर कई ऐसे समुदाय आज भी हैं, जो शिक्षा, रोजगार, आर्थिक स्थिति और प्रशासनिक प्रतिनिधित्व के मामले में बेहद पीछे हैं। पिछले लगभग आठ दशकों में आरक्षण व्यवस्था का लाभ किस समुदाय तक कितना पहुंचा, इसका कोई व्यापक एसेसमेंट क्यों नहीं होना चाहिए?

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