नई दिल्ली, जुलाई 17 -- उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आरएसएस की तुलना पवित्र गंगा से करते हुए कहा कि संगठन पिछले 100 वर्षों से बिना किसी स्वार्थ के समाज के कल्याण के लिए निरंतर काम कर रहा। एक तमिल कविता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आरएसएस की तुलना अक्सर पवित्र गंगा से की जाती है, जो बिना किसी अपेक्षा के दूसरों के कल्याण के लिए निरंतर बहती रहती है। उपराष्ट्रपति एन्कलेव में आरएसएस@100 'अ सेंचुरी ऑफ सर्विस, यूनिटी एंड सैक्रिफाइस' पुस्तक के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने ये बात कही। उन्होंने कहा कि आरएसएस ने छोटे स्तर से अपनी शुरुआत की थी और आज यह दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठनों में से एक बन चुका है। यह भी पढ़ें- संबोधन: आरएसएस समाज की सेवा में फिर भी लोगों में गलतफहमियां: राजनाथ उप-राष्ट्रपति ने कहा कि संघ की शताब्...