रामपुर, जनवरी 4 -- स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को कूड़े-कचरे से मुक्त बनाने के लिए बनाए गए आरआरसी आज खुद बदहाली की तस्वीर बन गए हैं। लाखों रुपये खर्च कर खड़े किए गए ये केंद्र अब ताले और जंग लगे तंत्र के सारे खड़े हैं, जबकि गांवों की गलियों, नालियों और तालाबों के किनारे फिर से गंदगी के अंबार लग चुके हैं। जिले के अंदर स्वच्छता का सपना जमीनी हकीकत में दम तोड़ता नजर आ रहा है। जिले की 680 ग्राम पंचायतों में ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ रखने और कचरा प्रबंधन को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से आरआरसी(रिसोर्स रिकवरी सेंटर) बनाए थे। इन केंद्रों का उद्देश्य गांवों से निकलने वाले सूखे और गीले कचरे को अलग अलग कर उसका वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण करना था, ताकि कूड़ा सड़कों या खाली पड़ी जमीनों पर न फेंका जाए। प्रत्येक आरआरसी सेंटर पर औसतन दो लाख रुपये खर्च...