अमरोहा, मई 6 -- गजरौला, संवाददाता। ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था की पोल खोलती तस्वीर सामने आई है, जहां कचरे के निस्तारण के लिए बनाए गए आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) खुद ही कूड़े के ढेर में तब्दील होते जा रहे हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करना था लेकिन लापरवाही और अनदेखी के चलते स्थिति बिगड़ती जा रही है। ब्लाक क्षेत्र में बने 75 आरआरसी केंद्रों में से ज्यादातर का संचालन फिलहाल बंद पड़ा है।बात अगर ब्लाक क्षेत्र की करें तो कूड़ा निस्तारण के लिए यहां 75 गांवों में आरआरसी केंद्रों का निर्माण हुआ है। एक केंद्र के निर्माण में तीन से पांच लाख रुपये तक की लागत आई है। यह भी पढ़ें- ग्रामीण क्षेत्रों में खुद करना होगा कूड़ा निस्तारण इन केंद्रों को बनाने का उद्देश्य गांवों से घर-घर कूड़ा उठाकर उसका निस्तारण क...
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