जयपुर, अगस्त 5 -- राजस्थान में लंबे समय से अटके स्थानीय निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को बुधवार शाम सौंपी गई 900 पेज की ओबीसी आयोग की रिपोर्ट ने चुनावी रास्ता तो लगभग साफ कर दिया है, लेकिन इसके साथ ही एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया है क्या इस बार भी ओबीसी को पूरा 21 फीसदी आरक्षण नहीं मिलेगा? संकेत यही हैं कि पहले की तरह इस बार भी ओबीसी आरक्षण 13 से 14 फीसदी के आसपास ही रह सकता है। इसकी वजह सिर्फ जनसंख्या नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट की तय की गई संवैधानिक कसौटियां हैं, जिनके आधार पर आयोग ने अपनी सिफारिश तैयार की है।92 जातियों पर फोकस, सिर्फ आबादी नहीं बना आधार राजस्थान ओबीसी राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग ने अपनी रिपोर्ट में प्रदेश की 92 ओबीसी जातियों का विस्तृत अध्ययन किया है। आयोग...