लखनऊ, जून 11 -- उपभोक्ता परिषद ने मुख्यमंत्री से जून माह में लगाए गए 10% ईंधन व विद्युत क्रय समायोजन अधिभार (एफपीपीए) शुल्क की वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि विद्युत नियामक आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि 10% ईंधन अधिभार शुल्क सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है। ऊर्जा मंत्री भी अब कहा रहे हैं कि इस फैसले की जानकारी उन्हें सोशल मीडिया से मिली। यह गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।उन्होंने कहा कि नियामक आयोग और ऊर्जा मंत्री दोनों की बिना जानकारी और सहमति के ईंधन अधिभार कैसे लगा। यह भी पढ़ें- ऊर्जा मंत्री बोले मुझे बिना बताए कैसे लगा दिया सरचार्ज पावर कारपोरेशन को मनमाने निर्णय लेने का अधिकार किसने दिया है। मुख्यमंत्री को तत्काल हस्तक्षेप कर उपभोक्ताओं के ह...