गोरखपुर, मई 21 -- फोटो भटहट, हिन्दुस्तान संवाद। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विवि में गुरुवार को स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान 6 माह से 16 वर्ष तक के कुल 60 बच्चों को स्वर्ण प्राशन की औषधि दी गई। स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम कुलपति प्रोफेसर डॉ. के. रामचंद्र रेड्डी के निर्देश पर आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. लक्ष्मी अग्निहोत्री की देख रेख में संपन्न कराया गया। स्वर्ण प्राशन एक आयुर्वेदिक औषधि है, जो जन्म से 16 वर्ष तक के बच्चों को हर माह पुष्य नक्षत्र के दिन दी जाती है। यह औषधि शुद्ध स्वर्ण, गोघृत, शहद, ब्राह्मी, वचा और शंखपुष्पी जैसी औषधियों से तैयार की जाती है। यह भी पढ़ें- बच्चों को संस्कृति, नैतिक मूल्य व स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक यह औषधि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होता है। यह बच्चों में बौद्धिक क्षम...