गोरखपुर, मार्च 28 -- भटहट, हिन्दुस्तान संवाद। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय में शनिवार को डॉ. लक्ष्मी अग्निहोत्री की देखरेख में 16 वर्ष तक के 32 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार यह एक आयुर्वेदिक विधा का टीकाकरण है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ ही उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का कार्य करता है। चिकित्सकों का कहना है कि स्वर्ण प्राशन ऐसे बच्चों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होता है। जो बार-बार बीमार पड़ते हैं, जिन्हें बुखार आता है। जिनका वजन नहीं बढ़ता। सांस लेने एवं खांसी की समस्याएं होती हैं। इसके साथ ही बच्चों में वौद्धिक विकास की क्षमता में वृद्धि होती है।यह बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के साथ ही शारीरिक विकास को भी बढ़ावा देता है। प्रत्येक माह की पुष्य न...