गोरखपुर, मई 22 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विवि में संचालित ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की कतार लग रही थी। आए दिन मरीजों की संख्या बढ़ने का दावा किया जा रहा था। मगर सच्चाई यह है कि मरीजों की संख्या धीरे-धीरे कम होती दिख रही है। हालांकि, इस मामले को विवि प्रशासन गम्भीरता से लेते हुए जांच कराकर इसके कारणों का पता लगाने में जुट गया है। कुलपति प्रोफेसर डॉ. के. रामचन्द्र रेड्डी ने एक बैठक के दौरान बताया कि 15 फरवरी 2023 को ओपीडी का संचालन शुरू हुआ था। ओपीडी में मरीजों का इलाज करने के लिए वर्तमान में यहां आयुर्वेद के छह, होमियोपैथ के तीन तथा यूनानी के एक डॉक्टर नियुक्त किए गए हैं। संचालित ओपीडी में इलाज के आंकड़े पर गौर करें तो नवम्बर 2025 में 10883 मरीज, दिसम्बर में 10000 मरीज, जनवरी 2026 में 8818 मरीज, फर...