कानपुर, अप्रैल 1 -- देहरादून के ग्राफिक एरा मैनेजमेंट कॉलेज से एमबीए चतुर्थ सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहा आयुष अपनी फीस जमा करने के लिए किडनी बेचने को तैयार हो गया। पुलिस को उसने बताया कि पहले नौ लाख रुपये में सौदा तय हुआ था, लेकिन बाद में यह लोग छह लाख ही देने को तैयार हुए। ऑपरेशन होने के बाद खाते में 3.50 लाख रुपये ही दिए। उसने पुलिस से बकाया पैसा दिलाने की भी मांग की। डीसीपी वेस्ट जोन एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि आयुष कुमार बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला है। वह देहरादून के ग्राफिक एरा से एमबीए की पढ़ाई कर रहा है। उसने पुलिस को बताया कि परिवार में मां, छोटा भाई और बहन है। पिता ने किसी कारण से आत्महत्या कर ली थी। इसके चलते पढ़ाई छूटने के डर से वह किडनी बेचने को तैयार हो गया। किडनी रैकेट के संपर्क में कैसे आया, पुलिस के इस सवाल पर उसने बताया ...