बरेली, मार्च 12 -- डायबिटिज के बढ़ते हमले और एंटीबायोटिक दवाओ के अधिक सेवन का दुष्प्रभाव किडनी पर पड़ रहा है। किडनी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे मरीजों के लिए आयुष्मान योजना संजीवनी का काम कर रही है और प्राइवेट अस्पतालों में पात्र मरीजों को नि:शुल्क डायलिसिस की सुविधा मिल रही है। जिला अस्पताल में लंबे समय से किडनी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती नहीं है। ऐसे में किडनी के गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर करना ही विकल्प है। कई बार किडनी के गंभीर मरीजों को डायलिसिस कराने की नौबत आ जाती है और ऐसे हालात में आयुष्मान योजना के पात्र मरीजों को निजी अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा से काफी सहूलियत हो रही है। आयुष्मान योजना के तहत जिन बीमारियों का सबसे अधिक इलाज हो रहा है, उसमें मोतियाबिंद के आपरेशन के साथ ही डायलिसिस भी है। जिले में दर्ज...