मुंगेर, फरवरी 14 -- मुंगेर, निज प्रतिनिधि। आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज के मामले में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए नेशनल हेल्थ अथॉरिटी ने मानक में भले ही बदलाव किया है। लेकिन मुंगेर जिले में इसका शत प्रतिशत पालन नहीं किया गया है। मानक के अनुसार ही आयुष्मान इलाज के लिये माइग्रेशन दिया गया है। सबसे हद की बात तो यह है, कि नौ सरकारी अस्पतालों में तारापुर को छोड़कर सदर अस्पताल सहित आठ अस्पतालों में 35 इंडिकेटर को पूरा नहीं किया गया है। आश्चर्य की बात तो यह है कि जिला मुख्यालय के मॉडल अस्पताल में एक भी सर्जन नहीं है। जबकि मॉडल अस्पताल को आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज करने के लिये माइग्रेशन दे दिया गया है। अस्पताल के बाहर यहां आयुष्मान भारत के बड़े-बड़े होर्डिग लगे हैं। इससे यह स्पस्ट है कि माइग्रेशन के लिये मानक का ख्याल नहीं रखा गया है। जबतक सर्जन की प्रति...
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