सराईकेला, मार्च 8 -- सरायकेला । राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत संचालित 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' (पूर्व में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) में सेवाएं दे रहे योग प्रशिक्षक आज आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं। वर्तमान में इन प्रशिक्षकों को मिलने वाला मानदेय इतना कम है कि इससे परिवार का भरण-पोषण करना लगभग असंभव हो गया है। झारखंड के आयुष्मान आरोग्य मंदिर के समस्त योग प्रशिक्षकों ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को पत्र लिखकर अपनी दो सूत्री मांगों को पूरा करने का आग्रह किया है। योग प्रशिक्षकों का कहना है कि उन्हें प्रतिदिन अनिवार्य रूप से सेंटर पर उपस्थित होना पड़ता है। विडंबना यह है कि कई प्रशिक्षकों के सेंटर उनके निवास से 40 से 50 किलोमीटर दूर हैं। आने-जाने में ही उनके मानदेय का 40 से 50 प्रतिशत हिस्सा खर्च हो जाता है। प्रतिदिन 3...