मोतिहारी, जून 22 -- मोतिहारी, नगर संवाददाता। सदर अस्पताल में आयुष पद्धति से इलाज कराने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथ के तीन डॉक्टर तो तैनात हैं, लेकिन उनके पास न मरीज देखने के लिए चैंबर है और न ही दवाएं उपलब्ध हैं। हालात यह है कि आयुष डॉक्टरों का उपयोग सिर्फ प्रोटोकॉल और औपचारिकता निभाने तक सीमित रह गया है। ओपीडी में आयुष सेवा का बोर्ड तो लगा है, मगर डॉक्टर कहां बैठते हैं, यह मरीजों को पता ही नहीं। कई मरीजों ने बताया कि वे महीनों से चक्कर काट रहे हैं पर आज तक आयुष चिकित्सक को देखा तक नहीं। मरीजों का कहना है कि दवा सरकारी अस्पताल में नहीं मिले तो बाहर से खरीद लेंगे, मगर कम से कम डॉक्टर बैठने की जगह तो मिले। डॉक्टर सलाह तो मिले। मरीज रामप्रवेश साह ने बताया दवा के लिए इंतजार क...