रामपुर, मार्च 21 -- क्षेत्रीय सीआरपीएफ परिवार कल्याण संस्था की ओर से केंद्र स्थित परिवार केंद्र सभागार में टीबी और किडनी रोग से बचाव एवं निदान कार्यशाला का शुभारंभ कावा अध्यक्षा रेखा सिंह ने किया। इस दौरान उन्होंने योग और आयुर्वेद निरोगी जीवन का आधार बताया। आयुर्वेद मनोचिकित्सक डा. कुलदीप सिंह चौहान ने टीबी और किडनी रोगों के प्रबंधन में आयुर्वेद की भूमिका पर प्रकाश डाला। कहा कि फेफडों की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि धूम्रपान से पूर्णतया बचाएं। फेफड़ों की मजबूती के लिए प्राणायाम में अनुलोम-विलोम और भस्त्रिका का नियमित अभ्यास एक सुरक्षा कवच का काम करता हैं। जबकि आयुर्दिवेक जड़ी-बूटियों जैसे गिलोय, तुलसी और अश्वगंधा का सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। किडनी की सुरक्षा के लिए पुनर्नवा, गोक्षुर और वरुण जैसी जड़ी- ...