वाराणसी, सितम्बर 25 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। आईएमएस बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में गुरुवार को इंटर्न डॉक्टरों के लिए विशेष सत्र आयोजित किया गया। रसशास्त्र एवं भैषज्य विभाग के प्रोफेसर आनंद चौधरी ने कहा कि अब आयुर्वेद चिकित्सकों की ओर से जारी चिकित्सा प्रमाण पत्र सरकारी सेवाओं, आरटीओ, बीमा कंपनियों और निजी संस्थाओं में मान्य होंगे। इनकार करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। प्रोफेसर चौधरी ने कहा कि प्रमाणपत्र स्वीकार न करने वालों की शिकायत नेशनल कमीशन ऑफ इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (एनसीआईएसएम) से की जा सकती है। कहा कि चिकित्सकीय जीवन में बिना प्रमाण के सिर्फ विज्ञापन वाली औषधियों का प्रयोग न करें। यह भी पढ़ें- अयोध्या शिव कुमारी आयुर्वेदिक महाविद्यालय में 60 सीटों पर होगा नामांकन: संयुक्त सचिव लंबाई बढ़ाने, मोटापा घटाने, शुगर और ...