कानपुर, फरवरी 25 -- कानपुर देहात। होली उत्सव आयुर्वेद से जुड़ा उत्सव है। हर पेड़, पौधे व फूल के फायदे आयुर्वेद में वर्णित हैं। बसंत ऋतु में मौसम बहारों व तरह-तरह के फूलों का मौसम होता है।पहले पारंपरिक होली फूल पत्तियों से बने रंगों से ही खेली जाती थी, लेकिन अब रसायनों से बने रंगों से होली खेलने का चलन है। हर्बल रंग त्वचा पर किसी तरह का दुष्प्रभाव नहीं डालते हैं। फूलों से बने रंगों से होली खेलने की प्राचीन परंपरा है और आज भी मंदिरों में पारंपरिक होली फूलों से ही खेली जाती है। इसके साथ ही यह पर्व आहार-विहार संबंधी जीवन शैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करता है।
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