श्रावस्ती, अप्रैल 8 -- श्रावस्ती,संवाददाता। मरीजों का इलाज करने के लिए जिले में 14 आयुर्वेदिक व एक यूनानी चिकित्सालय संचालित किए जा रहे हैं। लेकिन इन अस्पतालों से मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। कहीं चिकित्सक नहीं हैं तो कहीं पर जर्जर अस्पतालों में बैठने से चिकित्सक डरते हैं। इसके साथ ही अस्पतालों में दवाओं का अभाव बना रहता है। विकास क्षेत्र इकौना के कटरा बाजार में बना राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल जर्जर हो गया है। करीब एक दशक से अस्पताल जर्जर है और अस्पताल परिसर झाड़ झंखाड़ से पटा पड़ा है। जर्जर भवन में चिकित्सक बैठने से डरते हैं। अस्पताल परिसर में चारो ओर गंदगी ही गंदगी है। कई वर्षों से अस्पताल परिसर की साफ सफाई नहीं कराई गई है और जहरीले जीव जंतु अस्पताल परिसर में घूमते रहते हैं। अस्पताल के जर्जर भवन में चेतावनी लिख दिया गया है कि भवन जर्...