अल्मोड़ा, सितम्बर 24 -- रानीखेत। प्रदेश के विभिन्न पर्वतीय क्षेत्रों में आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के नए परिसरों की स्थापना की कवायद के बीच रानीखेत की उपेक्षा को लेकर जनसंगठनों में नाराजगी है। जनसंगठनों ने सीएम को भेजे ज्ञापन भेज पूर्व घोषणा और शासन को भेजे गए प्रस्ताव पर कार्रवाई की मांग की है। कहना है कि पूर्व में रानीखेत में आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के परिसर खोले जाने को लेकर शासन स्तर पर पत्र भेजे गए। जून 2016 में विवि के तत्कालीन कुलपति प्रो एसपी मिश्रा ने यहां ड्रग फैक्ट्री तथा उससे लगी भूमि का निरीक्षण कर यहां परिसर स्थापित किए जाने की संभावनाएं व्यक्त की थी। यह भी पढ़ें- आयुर्वेद को राष्ट्रीय चिकित्सा पद्धति घोषित करने की मांग

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