वाराणसी, जून 5 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। आयरिश वैज्ञानिक डॉ. लियाम की सेबर तकनीक से पुष्कर कुंड का कायाकल्प किया जाएगा। इसके तहत विशेष बैक्टीरिया छोड़े जाएंगे जो पानी घुलनशील ऑक्सीजन की मात्रा बढाएंगे। जलीय जीवों के लिए यह वरदान होगा। अभी कुंड के प्रदूषित जल में अक्सर मछलियां मर जाती हैं। सेबर तकनीक से पुष्कर कुंड की सफाई का काम नगर निगम अगले हफ्ते शुरू कराएगा। इसी तकनीकी से उसने पिशाच मोचन पोखरा, पहड़िया, लक्ष्मीकुंड और सारंग तालाब को साफ कराने की योजना बनाई है। पौराणिक महत्व वाले पुष्कर कुंड के कायाकल्प में करीब तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे। कार्यदायी संस्था वेल्सपन इंजीनियरिंग के प्रतिनिधियों ने इसके जल को आचमन योग्य बनाने का दावा किया है। यह भी पढ़ें- नगरी गांव स्थित तालाब का जीर्णोद्धार की है दरकार नगर निगम के अधिकारियों का कहना है...