सीतामढ़ी, फरवरी 10 -- सीतामढ़ी। जिले में आम और लीची के बगीचों में मंजर आने के साथ ही बागवानों में उत्साह का माहौल है। लंबे समय से मौसम की अनिश्चितता और कीट-रोग के प्रकोप से जूझ रहे किसानों को इस बार बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी है। जिले में लगभग पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्र में आम और करीब दो हजार हेक्टेयर में लीची की खेती होती है। जो स्थानीय बागवानी अर्थव्यवस्था का अहम आधार है। बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार मंजर निकलना उत्पादन की दिशा में पहला महत्वपूर्ण संकेत है। इस अवस्था में यदि कीट, रोग और पोषण की कमी से बचाव किया जाए तो फल सेटिंग बेहतर होती है और पैदावार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है। इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग ने आम और लीची के मंजर व आने वाले फलों की सुरक्षा के लिए अनुदानित दर पर कीटनाशक छिड़काव की योजना शुरू की है। वैज्ञानिक तरी...