समस्तीपुर, मार्च 22 -- शिवाजीनगर। प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में तेज आंधी के साथ हुई बारिश ने सैकड़ों एकड़ में लगी गेहूं की फसल को जमीन पर गिरा दिया। खेतों में लहलहा रही फसलें देखते ही देखते धराशायी हो गईं। किसानों ने बताया कि इस बार अच्छी उपज की उम्मीद थी, लेकिन अचानक आई इस आपदा ने उनके सपनों को चकनाचूर कर दिया। कई किसानों ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर गेहूं की खेती की थी, ताकि फसल बेचकर ऋण चुका सकें। लेकिन असमय बारिश और ओलावृष्टि ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया। अब उनकी आर्थिक स्थिति और भी खराब हो गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय गेहूं की फसल पकने की अवस्था में है। ऐसे में तेज बारिश और हवा के कारण बालियां टूटने और सड़ने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे पैदावार में भारी कमी आ सकती है। खेतों में अधिक पानी जमा होने से दाने काले पड़ने और गुणवत्ता ख...