जौनपुर, अगस्त 29 -- जौनपुर, संवाददाता। प्राकृतिक उथल पुथल और पर्यावरण प्रदूषण के दृष्टिगत बागवानों को हर माह आम के पेड़ों का अनुरक्षण करना होगा। फल लेने के बाद अब बौर आने तक रोगों का प्रबंधन करते रहेंगे तभी अगले सीजन में आम का लजीज स्वाद चख सकेंगे। उद्यान विशेषज्ञों ने तय कर दिया है कि किस माह में कौन सी दवा का छिड़काव करें जिससे आम के बाग सुरक्षित रहें। सितम्बर माह से ही रोग एवं कीटों के प्रबन्धन का उपाय किया जाना चाहिए। इस माह में पहले पेड़ों के डालों की कटाई-छंटाई कर दें। इस माह में शूट गाल कीट की विकट समस्या ज्यादा नमी वाले क्षेत्र में होती है। इस कीट के नियंत्रण के लिए मोनोक्रोटोफॉस/डाइमेथोएट एक मिली लीटर दवा दो लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। बाग में मकड़ी के जाले को साफ कर दें। प्रभावित हिस्से को काटकर जला दें। ज्यादा नमी की वजह से ला...