गंगापार, जून 22 -- फल उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने वाला यमुनापार इलाका अब बाहरी आम पर निर्भर होने लगा है। प्रकृति की मार से यहां वर्ष दर वर्ष उत्पादन लगातार घटता जा रहा है। इस वर्ष करीब 20 से 25 प्रतिशत तक आम का उत्पादन कम होने की संभावना जताई जा रही है। इस संबंध में बताया गया है कि पिछले अप्रैल महीने से प्रकृति में व्यापक बदलाव आया जो अभी तक लगातार चल रहा है। इसका असर आम के उत्पादन पर पड़ रहा है। पहले तो आम के बौर खराब हुए और जब पेड़ों में फल लगने शुरू हुए तो पुनः प्रकृति की मार फलों को झेलनी पड़ी। यह भी पढ़ें- बाजार में आया मलिहाबादी आम, किसान ने बताए असली दशहरी आम पहचानने के 3 आसान तरीके अब जब पकने की बारी आई तब तेज आंधी के चलते फल झड़ गए। इस बारे में शस्य वैज्ञानिक एसके तिवारी ने बताया कि स्थानीय इलाकों के बागों में 25 ...