बलराम मिश्र, जुलाई 2 -- बिहार में एक पुरानी कहावत है, आम के आम और गुठली के दाम। बिहार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (बीएयू) के वैज्ञानिकों ने ए सच कर दिखाया है। जिस आम खाने के बाद जिस छिलके और गुठलियों को हम बेकार समझकर फेंक देते हैं, उससे वैज्ञानिकों ने बटर और तेल तैयार किया है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दुनिया राम सिंह के निर्देशन में पहले चरण का प्रयोग सफल रहा है। इससे तैयार बटर का उपयोग खाने के साथ-साथ कॉस्मेटिक उत्पादों और तेल का उपयोग कॉस्मेटिक सामग्री तैयार करने में किया जा सकता है। गुठली के बटर से तैयार बेकरी वाला प्रोडक्ट दो माह में बाजार में लाने का प्रयास है। बीएयू के वैज्ञानिक डॉ. अनित कुमार ने बताया कि जर्दालू आम की गुठलियों से तैयार सीड बटर एक अत्यधिक संभावनाओं वाला वसा आधारित उत्पाद है। इसमें मुख्य रूप से ओलिक एसिड ...