अमरोहा, मार्च 9 -- अमरोहा, संवाददाता। अमरोहा आम उत्पादक जिला है, परंतु उत्पादकता और गुणवत्ता पर कीट-व्याधियों का गंभीर प्रभाव पड़ता है। आम के प्रमुख कीटों में मधुआ कीट को सबसे विनाशकारी माना जाता है। विशेषकर फूल आने की अवस्था (फरवरी-मार्च) में इसका प्रकोप तेजी से बढ़ता है, जब पेड़ अत्यंत संवेदनशील अवस्था में होते हैं। यदि समय पर प्रबंधन न किया जाए तो मधुआ कीट 60-80 प्रतिशत तक पुष्प झड़ाव और भारी उत्पादन हानि का कारण बन सकता है। जलवायु परिवर्तन के कारण हल्की सर्दी, अधिक आर्द्रता और अनियमित तापमान अब इस कीट के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रहे हैं, जिससे इसका प्रकोप कई क्षेत्रों में पहले से अधिक देखा जा रहा है। रासायनिक कीटनाशकों पर अत्यधिक निर्भरता से पर्यावरण प्रदूषण, अवशेष समस्या, कीटनाशक प्रतिरोध तथा परागणकर्ताओं की मृत्यु जैसी समस्याएं ब...