पाकुड़, मई 6 -- पाकुड़, प्रतिनिधि। प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक के प्रयास से पहला मामला मूल भरण-पोषण वाद संख्या 35/2026 एवं दूसरा मामला 47/2026 पारिवारिक मतभेदों को आपसी सहमति से सुलझा लिया गया। मध्यस्थता की प्रक्रिया के दौरान दंपतियों ने पुराने मतभेदों को भुलाकर फिर से साथ रहने का निर्णय लिया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक ने दंपतियों को आपसी समझ, सहयोग और संवाद के साथ खुशहाल पारिवारिक जीवन जीने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छोटे-मोटे विवादों को बातचीत और समझदारी से सुलझाकर परिवार में मधुरता बनाए रखें। इस सफल मध्यस्थता से दंपतियों के बच्चों का भविष्य एवं परिवार टूटने से बच पाया। यह भी पढ़ें- टूटते परिवार को पुलिस ने बचाया मौके पर उभय पक्षों के अधिवक्ता उपस्थित थे। यह भी पढ़ें- टूटते परिवार को पुलिस ने बचाया

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