नई दिल्ली, जनवरी 25 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। साकेत जिला अदालत ने सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर को दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा दायर आपराधिक मानहानि के मामले में बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष वर्ष 2006 में एक टीवी कार्यक्रम के दौरान कथित मानहानिकारक बयान दिए जाने को कानूनी रूप से साबित करने में विफल रहा। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राघव शर्मा की अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता यह स्थापित नहीं कर सका कि मेधा पाटकर ने वास्तव में वे बयान दिए थे, जिनका आरोप लगाया गया। रिकॉर्ड के अवलोकन में यह भी सामने आया कि मेधा पाटकर संबंधित टीवी कार्यक्रम की पैनलिस्ट तक नहीं थीं। अदालत ने कहा कि न तो उस रिपोर्टर को गवाह के रूप में पेश किया गया, जिसने कथित ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग की थी और न ही किसी ऐस...