अंबेडकर नगर, फरवरी 28 -- अयोध्या। स्थापना के छह दशक से ज्यादा समय बीतने के बावजूद नागरिक सुरक्षा संगठन अभी आकार नहीं ले पाया है। वर्षो से नेपथ्य में पड़े इस संगठन में कई वर्षों बाद केंद्र सरकार के निर्देश के बाद जनपद में तैनाती शुरू हुई है, मगर अभी हर वार्ड ने दो-तीन नागरिक वार्डेन भी तैनात नहीं हो पाए हैं। नागरिक सुरक्षा संगठन में सिविल वार्डेन का आंकड़ा 58 तक पहुंचा है मगर इनको अभी कई प्रकार के प्रशिक्षण दिए जाने हैं। पहलगाम हमले के बाद भारत-पाक के बीच तनाव और ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान उपजे हालत के बाद सिविल वार्डेन को सक्रिय कर दिया गया,लेकिन अभी रफ्तार नहीं पकड़ी है। पुलिस-प्रशासन से लेकर संबंधित विभागों के साथ औपचारिक समन्वय बैठक ही हो पा रही है। इस मुद्दे को हिंदुस्तान ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था,जिसके बाद प्रशासन ने थोड़ी तेजी पकड़ी ह...