धनबाद, मई 18 -- भटिंडा-तोपचांची में नहाने के दौरान लगातार डूबने से लोगों की मौत हो रही है। कई बार डूबे हुए लोगों की तलाश में धनबाद जिला आपदा प्रबंधन विभाग को एक-दो दिन का इंतजार करना होता है। रांची से आने वाले गोताखोर ही पानी में डूबकर लापता हुए लोगों की तलाश करते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। राज्य सरकार ने झारखंड के सभी जिलों से दो-दो गोताखोर को प्रोफेशनल ट्रेनिंग देने का निर्णय लिया है। धनबाद को जल्द ही दो प्रशिक्षित गोताखोर मिलेंगे। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार ने झारखंड के सभी जिलों से दो-दो गोताखोर का चयन किया है। इसमें 24 जिलों से 48 गोताखोर का चयन किया गया है। यह भी पढ़ें- बचाओ-बचाओ चिल्लाते रहे...आंखों के सामने डूबते चले गए इन गोताखोरों को डीप डाइविंग प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। कोलकाता के सी एक्सप्लोरर्स इंस्टीच्यूट में इन्हें ट्रेनि...