नई दिल्ली, मई 27 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर सरकार द्वारा पिछली तारीख से 28 फीसदी जीएसटी वसूलने के आदेश को सही ठहराया और कहा कि यह वसूली संवैधानिक रूप से वैध है। शीर्ष अदालत ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म सिर्फ बिचौलिए नहीं हैं, बल्कि उन्हें ऐसे सप्लायर माना जाएगा जिन पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के नियम और टैक्स लागू होते हैं।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियां- जिनमें फैंटेसी स्पोर्ट्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खेले जाने वाले दूसरे गेम शामिल हैं, जिनमें अनिश्चित नतीजों पर दांव लगाया जाता है, जीएसटी के दायरे में सट्टेबाजी और जुआ मानी जाएंगी।' यह भी पढ़ें- ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका: 28% GS...