अयोध्या, अप्रैल 6 -- अयोध्या। सत्संग समिति गोरखपुर के तत्वावधान में आयोजित राम सेवक पुरम में आयोजित श्रीमद भागवत कथा महोत्सव में सुप्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य इंद्रेश ने कहा आनंद ही श्री कृष्ण है। उन्होंने कहा कि शास्त्र कहते है ब्रह्मानंदम परम सुखदम यानी ब्रह्म जो आनंद स्वरूप श्री कृष्ण है परम सुख को देने वाला है । सभी ब्रजवासी छह माह तक आनंद महोत्सव मनाते रहे। आचार्य प्रवर ने कन्हैया के अत्यंत बाल सुलभ लीलाओं का वर्णन किया जिसमें मक्खन चोरी, वत्स चारण, गौ चारण, उखल बंधन, कलिया मर्दन, चीर चोरी व गोवर्धन धारण लीला का विषाद विवेचन किया। इस मौके पर बृज के सुविख्यात भागवत भास्कर श्रीकृष्ण चंद्र शास्त्री ठाकुर जो आचार्य इंद्रेश के पिता और गुरुदेव का भी सानिध्य प्राप्त हुआ। उनके वाचनामृत सुनकर सभी भाव सागर में गोता लगाते हुए कृष्ण भक्ति में सराब...