गोरखपुर, अगस्त 5 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। आध्यात्म की अलख जगाए गीताप्रेस की प्रमुख पत्रिका 'कल्याण' ने अपना शतक पूरा कर लिया है। इसका पहला अंक 4 अगस्त 1926 को मुंबई से प्रकाशित हुआ। कुछ समय बाद कल्याण का कार्यालय गीताप्रेस गोरखपुर में शिफ्ट हो गया और इसका पहले विशेषांक के रूप में 'भगवन्नामांक' का प्रकाशन किया गया। भक्ति, ज्ञान, वैराग्य, निष्काम कमयोग, वर्ण धर्म, आश्रम धर्म, सदाचार, नारी धर्म आदि विषयों पर इसके अब तक 100 विशेषांक प्रकाशित किए जा चुके हैं। इनमें करीब 87 विशेषांकों को गोरखपुर से प्रकाशित किया गया है। गीताप्रेस प्रशासन अब इसके 101वें 'राष्ट्रभक्ति' अंक के प्रकाशन की योजना बना रहा है। गीता प्रेस प्रशासन के अनुसार, मुंबई से शुरू हुई एक छोटी-सी पत्रिका ने भारतीय समाज, संस्कृति, धर्म और विचार की यह यात्रा शताब्दी को साथ लिए एक ...