पीलीभीत, फरवरी 27 -- पीलीभीत। सांड़ के हमले में गंभीर रूप से घायल 75 वर्षीय बुजुर्ग को आपात स्थिति में अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी आपातकालीन उदर शल्यक्रिया की। ऑपरेशन के बाद आधुनिक ईआरएएस प्रोटोकॉल के तहत उन्हें सुरक्षित किया। इससे उनकी जान बच गई। आईसीयू प्रभारी डॉ. अरविंद एम ने बताया कि वृद्ध मरीजों में सर्जरी के बाद शारीरिक व मानसिक जटिलताओं का खतरा अधिक रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए अनावश्यक सिडेशन से बचाव, दिन-रात के चक्र को सामान्य बनाए रखना और परिजनों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई, जिससे पोस्ट-ऑपरेटिव डिलीरियम की स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया और मरीज शीघ्र ही सामान्य मानसिक अवस्था में लौट आए। फेफड़ों की जटिलताओं से बचाने के लिए इंसेंटिव स्पाइरोमेट्री का नियमित अभ्यास कराया गया।दर्द प्रबंधन के लिए मल्टीमोडल पद्धति...