गुड़गांव, अक्टूबर 9 -- गुरुग्राम। एक समय था जब आंखों की बीमारियों से ग्रस्त अधिकतर मरीज बुजुर्ग होते थे, लेकिन अब यह चलन बदल रहा है। आधुनिक जीवनशैली, विशेषकर मोबाइल फोन और कंप्यूटर के अत्यधिक उपयोग के कारण छोटे बच्चों, किशोरों और युवाओं में भी आंखों की समस्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों का मानना है कि यह स्थिति आधुनिकता की देन है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इस खतरे को पहचानते हुए इस वर्ष विश्व दृष्टि दिवस की थीम अपनी आंखों से प्यार करें रखी है। सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल की वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. पूनम गोयल का कहना है कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में बड़ी संख्या उन बच्चों और युवाओं की है जिन्हें पढ़ने या डिजिटल स्क्रीन पर अधिक समय बिताने के कारण परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया ओपीडी में कुछ ऐसे छोटे बच्चे आ रहे हैं, जिन्हें फोन क...
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