आधुनिक चिकित्सा, आयुर्वेद का समन्वय जरूरी
मेरठ, मई 4 -- आईआईएमटी विवि में 'तंत्रिका-अपक्षयी विकारों का अभिनव प्रबंधन: फार्मेसी, फिजियोथेरेपी और आयुर्वेद का संगम' विषय हुई अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में विभिन्न बिंदुओं पर विशेषज्ञों ने चर्चा की। आईआईएमटी विवि के फार्मेसी कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज एवं आयुर्वेद कॉलेज द्वारा संयुक्त रूप आयोजित इस कॉन्फ्रेंस का शुभारम्भ डॉ. मिलन्द शरद पाण्डेय, डॉ. मुकेश कुमार एवं डॉ. सुजीत दलाही ने किया। मुख्य वक्ता डॉ. शिवानी लाल, डॉ. नेहा बंसल, डॉ. पल्लवी एवं डॉ. धनाडा कुलकर्णी ने छात्रों को न्यूरो-डीजेनेरेटिव डिसऑर्डर, उसके कारण, रोकथाम एवं नवीन उपचार पद्धतियों को बताया। विशेषज्ञों ने कहा कि फार्मेसी, फिजियोथेरेपी और आयुर्वेद का समन्वित दृष्टिकोण भविष्य में इस प्रकार की बीमारियों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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