अलीगढ़, नवम्बर 3 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रामदरश मिश्र जी की स्मृति में श्रद्धांजलि स्वरूप एक काव्य संध्या का आयोजन रविवार को वरिष्ठ कवि अशोक अंजुम के कैम्प कार्यालय पर किया गया। उपस्थित रचनाकारों ने स्मृति-शेष डॉ रामदरश मिश्र के चित्र के समक्ष पुष्पार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कवि अशोक अंजुम ने कहा कि मिश्रजी जितने बड़े साहित्यकार थे उतने ही बड़े व्यक्तित्व के स्वामी थे। साहित्य की विभिन्न विधाओं पर उनका समान अधिकार था। युवा कवि सुधांशु गोस्वामी ने कहा कि जो गए हैं यहां से वो न आएंगे, पर जहां जाएंगे खुशबू बिखराएंगे, आपने की है सेवा जो साहित्य की, सौ युगों तक उसे लोग दोहराएंगे। कवयित्री भारती शर्मा ने पढ़ा उनके जैसा कौन जगत में है, कहा किसी ने व्यर्थ नहीं, ज्यों सूरज को दीया दिखाने का, होता कुछ अर्थ नहीं। डॉ द...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.